भारतीय सरजमीं पर यह उपलब्धि हासिल करने वाले आठवें बल्लेबाज बने जेनिंग्स

keaton jennings
डेब्यु टेस्ट में शतक जड़ने के बाद दर्शकों का अभिवादन करते कीटन जेनिंग्स

मुंबई में भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैंचों की टेस्ट सीरीज के चौथे मैच के पहले दिन इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज कीटन जेनिंग्स ने शतक जड़ा। इसके साथ ही वह विश्व के उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए  जिन्होंने भारतीय सरजमीं पर अपने टेस्ट पदार्पण में शतक बनाने का कारनामा किया है। कीटन जेनिंग्स ने मुंबई टेस्ट की पहली पारी में जेनिंग्स ने 186 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने 12 चौके भी जड़े। 112 रन बनाने के बाद वह अश्विन की गेंद पर पुजारा को कैच दे बैठे।

84 साल के भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह मजह आठवां मौका है जब किसी मेहमान टीम के बल्लेबाज ने भारत में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करते हुए शतक जड़ा है।

भारतीय सरजमीं पर किसी मेहमान बल्लेबाज ने अपने डेब्यु टेस्ट में सबसे पहले सन 1933 में  शतक लगाया था। संयोगवश वह शतक भी इंग्लिश बल्लेबाज ब्रायन वेलेंटाइन ने 136 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद 32 साल तक कोई भी मेहमान बल्लेबाज अपने डेब्यु टेस्ट में शतक नहीं बना पाया।

1965 में कलकत्ता टेस्ट में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज ब्रूस टेलर ने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपने करियर के पहले टेस्ट मैच में  158 गेंदों में 105 रन की पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और 3 छक्के जड़े थे।

वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाजों में से एक रहे गार्डन ग्रीनिज 1974 में बेंगलूरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 107 रनों की पारी खेलकर भारत की धरती पर टेस्ट डेब्यु में शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने। इसके बाद अगले तीस साल तक कोई भी विदेशी खिलाड़ी यह कारनामा नहीं कर सका।

साल 2004 में ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क ने बेंगलूरु में अपने करियर के पहले टेस्ट में 151 रनों की पारी खेली। यह भारत में डेब्यू टेस्ट में खेली गई किसी भी मेहमान खिलाड़ी द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी थी। इससे पहले कोई भी बल्लेबाज 150 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सका था।

क्लार्क के बाद साल 2006 में इंग्लैंड के वर्तमान कप्तान एलेस्टर कुक ने नागपुर में खेले अपने पहले टेस्ट में भारत के खिलाफ शतक लगाया था। कुक ने 104 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

कुक के बाद दक्षिण अफ्रीका के एलोविरो पीटरसन ने साल 2010 में कोलकाता में 100 रन बनाए थे। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले छठवें खिलाड़ी बने थे।

कीटन जेनिंग्स से पहले भारत में पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ने वाले आखिरी खिलाड़ी न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन थे। साल 2010 में विलियमसन ने अहमदाबाद टेस्ट में 131 रनों की पारी खेली थी।

भारत के अतिरिक्त टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज भारतीय सरजमीं पर पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ने का कारनामा कर चुके हैं। लेकिन संयोग की बात है कि भारतीय उपमहाद्वीप के टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों  पाकिस्तान, श्रीलंका, और बांग्लादेश का कोई भी खिलाड़ी भारत में अपने डेब्यु मैच में शतक नहीं बना सका है। इसके साथ ही  जिंबाब्वे के भी किसी खिलाड़ी को यह उपलब्धि अब तक हासिल नहीं हुई है।

साल 2010 के बाद भारत डेब्युटेंट क्रिकेटर्स की पहली पसंद बनकर उभरी है। 2010 के बाद से पांच खिलाड़यों ( केन विलियमसन, एलोविरो पीटरसन, क्रिक एडवर्ड्स  , जिमी नीशम,कीटन जेनिंग्स ) ने भारत के खिलाफ डेब्यु टेस्ट में शतक जड़ा है जो अन्य टीमों की तुलना में सबसे ज्यादा है।

 

 

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